अपने ही गाँव में गुमनाम हो गए राष्ट्रकवि भवानी प्रसाद मिश्र, जनप्रतिनिधियों का प्रयास भी नहीं ला पाया रंग
बढ़ाओ कदम लो चलाओ हाथ, आता है सूरज तो जाती है रात, किरणों ने झांका है होगा प्रभात। प्रख्यात राष्ट्रीय कवि और गांधीवादी विचारक भवानी प्रसाद मिश्र की इन प्रेरणादायी…








