एक साल से ठप नल-जल योजना, महिलाएं और बच्चे एक किलोमीटर दूर से ढो रहे पानी, 1738 परिवारों पर पेयजल संकट का सायाएक साल से ठप नल-जल योजना, महिलाएं और बच्चे एक किलोमीटर दूर से ढो रहे पानी, 1738 परिवारों पर पेयजल संकट का साया
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एक साल से ठप नल-जल योजना, महिलाएं और बच्चे एक किलोमीटर दूर से ढो रहे पानी, 1738 परिवारों पर पेयजल संकट का साया

सिवनी मालवा तहसील की ग्राम पंचायत महुआढाना के अंतर्गत आने वाले शुकलढाना, बेजनपुर और महुआढाना गांवों में नल-जल योजना लंबे समय से बंद पड़ी हुई है। करीब एक वर्ष से जलापूर्ति ठप होने के कारण तीनों गांवों के लगभग 1738 परिवारों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि ग्रामीणों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए गांव से करीब एक किलोमीटर दूर खेतों में लगे बोरवेल और अन्य जल स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है।

गर्मी के मौसम में पानी की समस्या ने ग्रामीणों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। बच्चे और महिलाएं सिर पर पानी के बर्तन रखकर दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को शिकायतें दीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि कागजों में योजना को संचालित बताया जा रहा है, जबकि धरातल पर जलापूर्ति पूरी तरह बंद है।

पाइपलाइन टूटी, मोटर नहीं लगी, योजना हुई बेकार
ग्रामीण सेवाराम कलमे ने बताया कि बेजनपुर में नल-जल योजना के लिए तीन बोर करवाए गए थे, लेकिन आज तक उनमें मोटर नहीं डाली गई। इसके अलावा सड़क निर्माण के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसकी मरम्मत भी नहीं कराई गई। परिणामस्वरूप पूरी योजना वर्षों से ठप पड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर नल कनेक्शन तो लगाए गए, लेकिन उनमें कभी पानी नहीं पहुंचा। कई जगह नल टूटे पड़े हैं और पूरी व्यवस्था अव्यवस्था का शिकार हो गई है।

रात में भी पानी भरने जाना पड़ रहा
शुकलढाना की महिलाओं ने बताया कि पानी के लिए उन्हें खेतों तक जाना पड़ता है। बिजली आपूर्ति के समय के अनुसार कई बार रात में भी पानी भरने की मजबूरी होती है। महिलाओं का कहना है कि यदि रात में बिजली आती है तो उन्हें रात 9 बजे या उससे बाद खेतों तक जाना पड़ता है। कई बार बिजली नहीं आने पर दो-दो दिन पुराना पानी उपयोग करना पड़ता है। महिलाओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे तहसील मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन और घेराव करेंगी।

महुआढाना में जली मोटर बनी परेशानी की वजह
महुआढाना गांव में पानी की टंकी की मोटर जल जाने के कारण आधे गांव में पानी की सप्लाई बंद है। इससे ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। लोगों का कहना है कि मोटर खराब हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब तक उसे बदलने या सुधारने की कार्रवाई नहीं की गई।

क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी
इस संबंध में पीएचई विभाग के एसडीओ इंजीनियर उमेश कोडले ने बताया कि महुआढाना पंप की मोटर जल गई है, जिसे सुधारने का कार्य कराया जा रहा है और जल्द ही जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शुकलढाना के बोरवेल में जलस्तर कम होने के कारण तीन अतिरिक्त पाइप नीचे उतारे जाएंगे, जिसके बाद वहां की व्यवस्था भी शीघ्र चालू करवा दी जाएगी।