होशंगाबाद। जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने होशंगाबाद जिले में दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए होशंगाबाद जिले की राजस्व सीमाओं में किसी भी प्रकार की अग्नि दुर्घटना घटित न हो इसको दृष्टिगत रखते हुए भूसा मशीन का उपयोग प्रात: 11 बजे से सांय 5 बजे तक के लिए प्रतिबंधित किया है। तत्संबंध में जिला दंडाधिकारी ने हारर्वेस्टर मालिक एवं चालक तथा भूसा मशीन के मालिक व चालक के लिए भी निर्देश जारी किये  हैं। जारी निर्देश में कहा गया है कि जिले के समस्त हारर्वेस्टर संचालक एवं चालक जिले में स्थित किसी भी पुलिस थाने में अपना पंजीयन मय नाम पता एवं मोबाईल नंबर के करायेंगे। फसल कटाई के दौरान हारर्वेस्टर मालिक को दो अग्निशमन यंत्र चालू अवस्था में तथा अन्य सुरक्षात्मक उपायो को कार्य के दौरान साथ में रखना अनिवार्य होगा। भूसे की मशीन का उपयोग दो अग्निशमन यंत्रो के साथ ही किया जायेगा। बिना अग्निशमन यंत्र एवं सुरक्षात्मक उपायो के भूसा मशीन का उपयोग किया जाना निषेघ होगा। रात्रि में हारर्वेस्टर द्वारा फसल कटाई अथवा भूसा मशीन का उपयोग ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव अथवा कोटवार को पूर्व सूचना देकर ही किया जा सकेगा। हारवेस्टर एवं भूसा मशीन चालक स्वामी बिना अग्निशमन यंत्र एवं सुरक्षात्मक उपायो के फसल कटाई व भूसा निकालने की कार्यवाही नही करेंगे तथा ग्राम की समस्त फसल कटाई उपरांत ही भूसा मशीन का उपयोग करेंगे।

जिला दंडाधिकारी का उक्त आदेश आम जनता को संबोधित है एवं उक्त आदेश को एक पक्षीय जारी किया गया है। उक्त आदेश की तामीली जनता को ग्राम पंचायत तहसील कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा कराकर तथा स्थानीय समाचार पत्रो एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से दी जायेगी। जिला दंडाधिकारी का उक्त आदेश धारा 144 दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत जारी किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालो के विरूद्ध धारा 188 दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी। ग्राम के कोटवार, सचिव, पटवारी द्वारा अनुविभागीय दंडाधिकारी एवं तहसीलदार के निर्देशन में थाने में मशीन मालिक एवं चालक के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी। जिला दंडाधिकारी का उक्त आदेश 12 मार्च को जारी किया गया है।