अच्छा नागरिक बनकर चुकाएंगे इस उपकार का ऋण

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स्कूल संचालक डॉ शर्मा ने 25 बंदियों की जमानत राशि जमाकर कराया मुक्त, जेल प्रबंधन ने की सराहना

होशंगाबाद। घर में चंद रुपयों की व्यवस्था नहीं होने के कारण करीब दो दर्जन बंदियों को जेल में कई माह अतिरिक्त गुजरना पड़ रहा था। ये ऐसे बंदी थे जिनका आचरण बंदी जीवन के दौरान काफी सुधार गया था। पश्चाताप की आग जलाकर उनके अंदर का अपराधी भाव नष्ट हो गया था। वे सामान्य जीवन जीना चाहते थे। जब जेल अधीक्षक ऊषा राज औऱ उप अधीक्षक अक्षय कुमार ने यह बात समेरिटन्स स्कूल के संचालक डॉ आशुतोष शर्मा को बताई तो उन्होंने ऐसे बंदियों की जमानत राशि जमा करने पर सहमति जताई और ऐसे 20 बंदियों की बकाया जमानत राशि 25 हजार रुपये जमा किये। उसके बाद इन बंदियों को सलाखों से मुक्ति मिली। इन सभी बंदियों ने मुक्त होने के बाद कहा कि उनके ऊपर किये गए इस उपकार का बदला वे आदर्श नागरिक बनकर चुकाएंगे।

परिस्थितियों के चलते बने अपराधी
इन बंदियों में से अधिकांश का कहना है कि वे कोई जन्मजात अपराधी नहीं हैं। किसी आकस्मिक घटना या अचानक बनी परिस्थितियों के कारण वे अपराधी बने और आज उनकी यह स्थिति है। उनका कहना था कि बंदी जीवन के दौरान उन्हें सोचने विचरने का अवसर मिला तो उन्हें लगा कि जो हुआ वह सही नहीं था। अब वे अच्छा नागरिक बनेंगे और मेहनत करके अपने परिवार को पालेंगे। साथ ही लोगों को आगाह भी करेंगे कि वे इस तरह का कोई काम नहीं करें कि हमारे जैसी स्थिति से उन्हें गुजरना पड़े।

सभी को एक मौका मिलना चाहिए- डॉ शर्मा
इस संबंध में राशि जमा करने वाले डॉ आशुतोष शर्मा का कहना है कि सभी लोगों को सुधरने का एक मौका जरूर मिलना चाहिए। मेरा मानना है कि कोई भी व्यक्ति जन्म से गुनाहगार नहीं होता। कई बार लोगों के सामने ऐसी स्थिति बन जाती है कि वह अपराधी बन जाता है। जब जेल प्रबंधन से इस संबंध में बात की और उन्होंने ऐसे बंदियों के चरित्र के संबंध में जानकारी ली, उनके बंदी जीवन का रिकार्ड देखा तो उन्हें लगा कि यदि थोड़ी सी रकम से किसी का जीवन संवर सकता है तो यह काम किया जाना चाहिए। यही सोचकर राशि जमा कर दी।

प्रबंधन का मत
इस बारे में जेल अधीक्षक ऊषा राज और उप अधीक्षक अक्षय कुमार का कहना था कि डॉ शर्मा ने पहले भी करीब 30 हजार रुपये जमाकर बंदियों को छुड़ाया था। यह दूसरा अवसर है जब उन्होंने यह नेक कार्य किया है। जी बंदियों की राशि उनके द्वारा जमा कराई गई है, उनका आचरण जेल में काफी अच्छा रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य समाजसेवियों को भी इस दिशा में आगे आना चाहिये।

जेल बंद होने का समय
उप अधीक्षक अक्षय कुमार ने कहा कि दुनिया के कई देशों में जेलें बंद होने का समय आ गया है। वहां की सरकारें और सामाजिक संगठनों के प्रयासों से अपराधी सामान्य जीवन की तरफ लौट रहे हैं। हमें भी मिलकर इस ओर प्रयास करना चाहिए।

बंदियों की सूची
देवी सिंह, कालू उर्फ कल्लू, लक्खू उर्फ लखन, कालुराम, भगवान सिंह, बबलू छिपा, बालाराम, लक्ष्मण, तीरथ उर्फ धम्मू, रेन्दा, देवचंद, महादेव, सूरज, अनिल, मुन्ना, गोलू उर्फ राजकुमार, प्रेम सिंह, सोनू, श्याम भारती ओर नानू।