होशंगाबाद। सांप्रदायिक सद्भावना के साथ निकाली जाएगी चादर मेले में राष्ट्र गीत एवं भजन ही बजाए जाएंगे 10:00 बजे के बाद साउंड सिस्टम बंद कर दिया जाएगा। आपको बता दें कि मेले से होने वाली आय की आधी रकम शहीदों के परिजनों को दी जाएगी। संत शिरोमणि रामजी बाबा मेला इस बार शहीदों के नाम पर होगा, मेले में होने वाली आय का आधा हिस्सा शहीद परिवारों के परिजनों को दिया जाएगा। साथ ही 10 दिनों तक मेले में देश भक्ति गीत एवं भजन ही गाए जाएंगे। मेला देशभक्ति के गीतों और तरानो से गूंजेगा। इसका फैसला नगर पालिका में मेले को लेकर आयोजित हुई बैठक में शनिवार को लिया गया। मेले में एक फोटो गैलरी भी बनेगी जिसमें सही भी शहीदों की का जीवन परिचय और फोटो लगाए जाएंगे।

कहते हैं मित्रता ऐसी करो कि लोग जन्मो तक याद रखें आपने मित्रता के किस्से तो सुने होंगे तो सबसे पहले नाम आता है कृष्ण और सुदामा की मित्रता का दोनों परम मित्र थे, आज भी सबकी जुबान पर कृष्ण और सुदामा के किस्से रखे हुए हैं। अंचल की बात करें तो कुछ ऐसी मित्रता थी संत शिरोमणि राम जी बाबा और गौरी शाह बाबा कि इन दोनों की मित्रता का जीता जागता उदाहरण है संत शिरोमणि रामजी बाबा समाधि स्थल पर मजार का निशान और गोरी शाह बाबा की मजार पर समाधि का चिन्ह दोनों संतों की मित्रता उनकी मजार और समाधि स्थल पर नजर आती है। राम जी बाबा की समाधि स्थल पर निर्माण के समय छतरी अपनी जगह पर नहीं लग रही थी तब रामजी बाबा ने पुजारी को सपने में आकर गोरी शाह बाबा की दरगाह से पत्थर लाने को कहा जैसे ही पत्थर को छतरी के साथ लगाया गया सब कुछ ठीक हो गया। ऐसा ही प्रतीक चिन्ह गोरी शाह बाबा की दरगाह पर भी लगा हुआ है।