सिवनी मालवा। शासकीय कुसुम पीजी कॉलेज इग्नू अध्ययन केंद्र पर पहली परिचयात्मक सत्र संपन्न कराया गया। यह जनवरी सत्र 2019 में नामांकित छात्र-छात्राओं को दूरस्थ शिक्षा पद्धति से अवगत कराने के लिए कराया गया। इग्नू क्षेत्रीय केंद्र भोपाल से क्षेत्रीय निदेशक डॉ उमेश चंद्र पांडे के तत्वाधान में एक टीम ने इस अध्ययन केंद्र पर परामर्श दाताओं को भी प्रशिक्षित किया। इस कार्यक्रम में लगभग 125 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

सरस्वती वंदना से प्रारंभ इस कार्यक्रम में सबसे पहले इग्नू अध्ययन केंद्र शासकीय कुसुम कॉलेज के कार्यक्रम प्रभारी डॉ राजेश रघुवंशी ने क्षेत्रीय केंद्र भोपाल के क्षेत्रीय प्रबंधक उमेश चंद्र पांडे, सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ अंशुमान उपाध्याय एवं अनुभाग अधिकारी चंद्र प्रकाश मुरसेनिया एवं छात्र छात्राओं का स्वागत किया।

परिचय सत्र के महत्व को बताते हुए डॉ रघुवंशी ने इग्नू क्षेत्रीय केंद्र की एक नई पहल की सराहना की। मुख्य अतिथि के रूप में इग्नू क्षेत्रीय निदेशक डॉ उमेश चंद पांडे ने कहा कि उच्च शिक्षा राष्ट्र एवं समाज के निर्माण हेतु बहुत आवश्यक है अतः घर घर तक उच्च शिक्षा पहुंचाने में इग्नू का एक महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

उत्कृष्ट अध्ययन सामग्री, लचीले प्रवेश नियम एवं विद्यार्थी केंद्रित शैक्षणिक विधि कुछ ऐसे आयाम है जिनके कारण इग्नू विश्व का विशालतम शैक्षणिक संस्थान के रूप में उभर कर आया है। सिवनी मालवा में अध्ययन केंद्र खोलने से 18 से 24 वर्ष विद्यार्थियों को अपने कौशल विकास करने का भी अवसर मिलेगा जिससे वह अपने पारंपारिक अध्ययन के साथ इग्नू द्वारा संचालित 6 माह के रोजगारपरक पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं।

डॉ पांडे ने यह भी कहा कि आज के वैश्वीकरण के युग में जहां प्रतिस्पर्धा को अत्यंत महत्व दिया जा रहा है वहां हर व्यक्ति को अपने कौशल का विकास करना अत्यंत आवश्यक है और इसी परिप्रेक्ष्य में इग्नू द्वारा कई ऐसे कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं जिससे कार्यरत लोग अपना कौशल विकास कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त अन्य कार्यरत व्यक्ति भी इग्नू के पाठ्यक्रमो में प्रवेश लेकर अपनी दक्षता एवं कार्यकौशल में वृद्धि कर सकते हैं।

डॉ पांडे ने बताया कि हाल में ही कुछ बैंकों ने अपने अधिकारियों को हिंदी में कार्य दक्षता हेतु इग्नू से अनुवाद अध्ययन में पाठ्यक्रम कराने के लिए निर्देशित किया गया है। इसलिए इस पीजीडीटी पाठ्यक्रम को भी इस नवीन अध्ययन केंद्र पर संचालित किया जाएगा। कंप्यूटर दक्षता प्रदान करने हेतु भी सूचना प्रौद्योगिकी में 6 माह का प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम भी इस केंद्र पर संचालित किया जाएगा। डॉ अंशुमान उपाध्याय सहायक क्षेत्रीय निदेशक ने छात्रों को इग्नू की मूल्यांकन विधि एवं परीक्षा प्रणाली तथा विद्यार्थी सहायता के बारे में विस्तार से बताया जो विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

विद्यार्थियों को इग्नू द्वारा प्रदत स्वाध्याय सामग्री के पठन की विधि के बारे में चर्चा करते हुए उपाध्याय ने विद्यार्थियों को न्यूनतम अवधि में अपने पाठ्यक्रम को समाप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया एवं इग्नू क्षेत्रीय केंद्र की नई गतिविधियों के बारे में बताया एवं क्षेत्रीय केंद्र पर विद्यार्थी सहायता को विशेष प्राथमिकता देने की बात कही।

डॉ उमेश चंद्र पांडे ने सभी छात्रों को अभिवादन करते हुए कहा कि आने वाले समय में दूरस्थ शिक्षा एक मात्र ऐसा विकल्प होगा जिससे बहुत सारे लोगों को एक ही समय में उच्चतर शिक्षा से जोड़ा जा सकेगा इसके साथ ही अंत में सभी अतिथियों ने छात्र-छात्राओं के एवं जिज्ञासाओं को हल किया। इस अवसर पर अशोक यादव, डॉ मोहन गुर्जर सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।