शशांक मिश्रा/सिवनी मालवा। विगत दिनों भारतीय किसान संघ इटारसी के कार्यकर्ता ,पदाधिकारी एवं किसान 30 मार्च 2019 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को ज्ञापन देने पहुंचे तो एसडीएम आग बबूला हो गए । किसानों को दफ्तर में बुलाकर अभद्रतापूर्वक व्यवहार करके कहा कि किससे पूछ कर तुम लोग ज्ञापन देने आए और ज्ञापन को पदाधिकारी के हाथ से छुड़ाकर फेंक दिया । भारतीय किसान संघ के जिला मीडिया प्रभारी रजत दुबे एवं जिला उपाध्यक्ष मोरसिंह राजपूत से अभद्रता करके भाग जाने को कहा ।

किसानों ने कहा कि हम तो आवेदन देने आए है तो एसडीएम ने कहा कि मुझे नही लेना तुम्हारा ज्ञापन। आज के बाद अगर नेतागिरी दिखाई तो सभी किसानों को जेल में डाल दूगा सडते रहेंगे । इस पर जिला मीडिया प्रभारी रजत दुबे नें कहा कि सर आप किसानों से इस तरह दुर्व्यवहार कैसे कर सकते है? तब एसडीएम नें कहा कि तेरी उम्र कितनी है ? कहा तक पढाई की है। ज्यादा नेतागिरी बतायी तो तेरा जीवन नष्ट कर दूंगा। राघौगढ से आया हूं कोई पुराना एसडीएम नहीं हूं।

इसके विरोध में भारतीय किसान संघ का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर से मिला और एसडीएम को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की। कलेक्टर नें प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया था कि शीघ्र ही में जांच कराउंगा । कार्यकर्ता किसानों से अभद्रता करने का अधिकार किसी के पास नहीं है। में उचित कार्यवाही करूंगा।

भारतीय किसान संघ ने चेतावनी दी थी की अगर उक्त एसडीएम को 3 दिन के अंदर नही हटाया गया तो भारतीय किसान संघ द्वारा प्रत्येक तहसील में आन्दोलन किया जावेगा। परन्तु 3 दिवस के बाद भी कोई कार्रवाई कलेक्टर के द्वारा नहीं की गई जिससे नाराज भारतीय किसान संघ के पदाधिकारीयों ने ज्ञापन सौंप बताया की शासन के द्वारा किसानो के साथ अभद्रता कर बहुत ही निंदनीय कार्य किया गया है इसका खामियाजा शासन को भुगतना होगा।

ज्ञापन के मधयम से भारतीय किसान संघ ने चेतावनी दी है की यदि जल्द उक्त एसडीएम पर कार्रवाई नहीं की गई तो समस्त किसान लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे एवं इसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। इस अवसर पर जिला मंत्री संतोष पटवारे ने, तहसील अध्यक्ष शंकर पटेल,रामेश्वर जाट सहित कई भारतीय किसान संघ कार्यकर्त्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।