कमिश्नर ने ग्राम पंचायत सचिवों को खदान के आसपास पर्याप्त पौध रौपण करने के दिये निर्देश

होशंगाबाद। नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव ने आज खनिज विभाग के अधिकारियों एवं रेत खदान स्थित ग्राम पंचायत के सचिवों की बैठक ली। कमिश्नर ने सभी सचिवों को निर्देशित किया कि वे अपनी ग्राम पंचायतों में संचालित रेत खदानों में पर्यावरण के लिए बनाये गये नियमों का पूरा ध्यान रखें तथा नदी किनारे के एवं गांव के पास से पौध रौपण करें ताकि सभी स्थान हरा-भरा रहे। कमिश्नर ने कहा कि खदान के आसपास पर्याप्त पौध रौपण किया जाये और रेत खदान के आसपास भी जैव विविधता के लिए पौध रौपण किया जाये और इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये कि रेत खदान से जैव विविधता नष्ट न होने पाये। सभी लोग जैव विविधता का संरक्षण करें और सही प्रकार की वनस्पती पौधो की कलम एवं बीज लगाए और इस बात का विशेष ध्यान रखे कि लगाई गई वनस्पती की आगामी तीन वर्षो तक विशेष देखभाल की जाए। कमिश्नर ने कहा कि सभी लोग आसपास के जीव जंतुओ की भी रक्षा करें। उमराव ने कहा कि ग्राम पंचायतों को जो रेत खदाने दी गई हैं वे कुछ शर्तो के आधार पर दी गई है। सभी ग्राम पंचायतें उन शर्तो एवं नियमों का पालन करें। नियमों का उल्लंघन न करें। यदि नियमों का उल्लंघन होता है तो जिला प्रशासन के लिए समस्या खड़ी हो जायेगी। उन्होंने सभी सचिवों को रेत खदान के पास एक बोर्ड लगाने के निर्देश दिये। बोर्ड में रेत खदान से संबंधित एवं नियमों से संबंधित सभी जानकारियां अंकित करने के निर्देश दिये।

बैठक में बताया गया कि खदान क्षेत्र के पास लगे हुए गांव को 100 मीटर की दूरी पर रखना होगा, यह क्षेत्र नो मायनिंग जोन कहलायेगा, इसका चिन्हांकन राजस्व एवं खनिज विभाग द्वारा किया जायेगा। नदी की बीच धारा से खनन पूर्णत: प्रतिबंधित होगा। नदी क्षेत्र में यदि कोई पानी का स्थिर जमाव है उसमें भी परिवर्तन नही किया जायेगा। नदी की मूल धारा से किसी तरह का अवरोध नही किया जायेगा। नदी का संरक्षण जरूरी है इसलिए नदी को मूल स्वरूप में ही प्रवाहित होना है। पेड़-पौधे जो नदी के पास खुले क्षेत्रो में एवं नदी के किनारे लगाने चाहिए वो ऐसे प्रतीत हों कि प्रकृति की देन हैं। खदान क्षेत्र के पर्यावरणीय प्रतिवेदन 31 मार्च एवं 30 सितम्बर को प्रस्तुत किये जाना अनिवार्य है। कमिश्नर ने कहा कि यदि रेत खदान क्षेत्र में कोई भी पेड़ पौधे जो पूर्व से लगे हुए हैं तो उनको काटा नही जाना चाहिए। बैठक में संयुक्त उपायुक्त विकास राजेन्द्र सिंह, अशोक विश्वाल, जिला खनिज अधिकारी शशांक शुक्ला, डीजीएम राजेश सक्सेना एवं ग्राम पंचायतों के सचिवगण मौजूद थे।