दिल्ली। बच्चो पर गुस्सा करना कितना घातक हो सकता है इसका उदहारण दिल्ली ट्रिपल मर्डर केस में पता चला जब एक किशोर, पिता-मां और बहन की डांट से इस कदर आहत हुआ कि उसने तीनों की हत्या कर इसका बदला चुका लिया। साउथ दिल्ली के किशनगढ़ की इस खौफनाक वारदात के बाद पुलिस का दावा है कि किशोर ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। इकबालिया बयान में उसने पुलिस को बताया है कि वह पढ़ाई के लिए बार-बार डांट खाने की वजह से परेशान था। पुलिस ने किशोर को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। उसने बड़ी बेरहमी से चाकुओं से गोद मां-पिता और बहन की हत्या की है।

पिता पर आठ बार और मां पर 7 बार किये चाक़ू से वार
बुधवार को करीब रात के तीन बजे अपने पिता मिथलेश वर्मा (44) के सीने और पेट पर चाकू के आठ वार किए। पिता की हत्या के बाद वह दूसरे रूम में सो रही अपनी मां सिया (38) के पास पहुंचा और उसे सात बार चाकुओं से गोद डाला। दो हत्याएं करने के बाद उसने अपनी नाबालिग बहन के कमरे का रुख किया। उसने बहन पर चाकू से चार वार किए। अपने परिवार के लोगों की हत्या के बाद सूरज उनकी लाश के पास ही 2 घंटे तक बैठा रहा, ताकि पुलिस को एक कहानी बताई जा सके। उसने सुबह करीब 5:30 बजे अपने एक पड़ोसी को इसी सूचना दी। उसने पड़ोसी को बताया कि दो चोरों ने उसके घर में घुसकर परिवार के लोगों की हत्या कर दी।

सूरज ने बिल्कुल शातिर तरीके से इस मामले को अंजाम देने की कोशिश की। उसने पुलिस को बरगलाने के लिए अपने शरीर पर भी हल्के वार कर लिए थे। उसने पुलिस को बताया कि मरने की ऐक्टिंग करने की वजह से उसकी जान बच गई। हालांकि पुलिस की पूछताछ में वह ज्यादा देर तक टिक नहीं पाया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

सूरज ने पुलिस को बताया कि तीन साल पहले उसने अपनी किडनैपिंग का ड्रामा किया था। उसका परिवार तबसे ही उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहा था। अगस्त महीने में उसके पिता ने पतंग उड़ाने के लिए उसकी पिटाई की थी। इसके बाद से वह बदला चुकाना चाहता था। गुड़गांव के एक कॉलेज में सिविल इंजिनियरिंग के फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट सूरज ने पहले खुदकुशी की योजना बनाई, लेकिन बाद में उसने अपने परिवार को सजा देने का मन बना लिया। इस तरह से उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे डाला।