सिवनी मालवा। बानापुरा रेल्वे स्टेशन के वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (रेलपथ) कार्यालय में पदस्थ डिपो इंचार्ज जे.पी. मिश्रा के कार्यालय में सुबह 11 बजे जमकर हंगामा हुआ। हंगामा किसी और ने नहीं बल्कि उनके ही अधीनस्थ गैंगमेन राजेंन्द्र लौवंशी एवं उसकी पत्नी के द्वारा किया गया। गैगमेंन राजेंद्र अपनी पत्नी एवं बच्चे के साथ कार्यालय पहुंच गया। कार्यालय में पहले तो राजेंद्र के कहने पर पत्नी ने डिपो इंचार्ज जे.पी. मिश्रा के ऊपर रूपये फेंखे उसके बाद दोनों पक्ष बहस करते हुए आपस में भिड़ गए। जिसके बाद वहां उपस्थित स्टाफ ने उन्हें अलग किया। मौके पहुंची आरपीएफ ने गैंगमेन के खिलाफ धारा 145,146 के तहत अभद्र व्यवहार करने को लेकर मामला पंजीबद्ध कर लिया है।

ये कहना है गैंगमेंन का
गैंगमेन राजेंन्द्र मालवीय ने बताया कि मेरे द्वारा किसी लडक़ी की गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए थे। तभी से जे.पी. मिश्रा डिपो इंचार्ज के द्वारा परेशान किया जा रहा है। सस्पेंड भी किया गया और दो साल की वेतन वृद्वि रोकने की धमकी देने के रुपयों की मांग की है। ये जे.पी. मिश्रा एसएससी के पद पर पदस्थ है और सभी गैंगमेन से रूपयों की मांग करते है।

ये है कहना एस.एस.ई. जे.पी. मिश्रा का
एस.एस.ई जे.पी. मिश्रा ने बताया कि राजेंन्द्र लौवंशी पहले गैंगमेन था, उसने 30 अक्टूबर 2016 को गैंगमेंन के मुक्कदम मोहन सिंह बहादुर के साथ मारपीट की थी। उसके बाद भी राजेंद्र को हमारे द्वारा मुक्कदम बनाया गया। ये सही है कि उसकी दो साल की वेतन वृद्वि रोकी जा रही थी। लेकिन मेरे द्वारा किसी भी प्रकार की रिश्वत की मांग न तो राजेंद्र से की गई न ही किसी अन्य गैगमेंन से।

पहले ये की थी गैगमेंन ने एस.एस.ई. (डिपो इंचार्ज) जे.पी. मिश्रा की शिकायत
रेल कामगार संगठन बानापुरा के सभी सदस्यों के द्वारा कुछ दिवस पहले लिखित में जीएम, डीआरएम, सीनियर डी.एन, ए.डी.ए. एन को शिकायत की थी। कि एस.एस.ई. ग्रुप डी के कर्मचारीयों का शोषण करते है।

ये लिखा था शिकायत में –

  • अपसेंट कर्मचारीयों की हाजरी लगा देते है, एंव कर्मचारीयों से घर का काम कराते है।
  • टी.ए. पर साइन नहीं करना एंव टी.ए. पर साइन करने के लिए कर्मचारीयों से पैसों की मांग की जाती है।
  • छुट्टी पर गये कर्मचारी छुट्टी खत्म होने पर भी नहीं आते अपसेंट होने पर भी हजारी लगा दी जाती है।
  • टिमरनी में कार्यरत सीनियर ट्रेकमेन महिला कर्मचारी को आफिस में कार्य पर यहीं रखा है, एवं दो नवीन भर्ती महिला को आफिस कार्य पर जानबूझकर लगाया जाता है।
  • कर्मचारीयों की छोटी गलतियों पर भी सीधे चार्ज सीट देना एवं घर के कार्य करने पर मना करने पर सीधे अपसेंट लगा दी जाती है।
  • चाबीदार डयूटी एंव नाईट पेट्रोलिंग ड्यूटी में कर्मचारीयों को बदल बदल कर नहीं पहुंचाते है मानसिक रूप से प्रताडि़त करने के लिए।
  • आफिस स्टाफ जो कि ट्रेकमेन कर्मचारी है उनके द्वारा अन्य कर्मचारीयों के आफिसीयल कार्य रोके जाते है।
  • पेट्रोल डीजल एंव ग्रीस आंयल पेंट, एवं अन्य सामग्री खरीदी में ठेकेदार के साथ मिलकर पैसा की हेराफेरी की जाती है।

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