पटना(सैयद फैजुर रहमान सुफी)। राजसमंद में दिल दहलाने वाले हत्या का विरोध पूरे देश में हो रहा है। शंभूलाल रैगर के द्वारा राजस्थान के राजसमंद जिले में अफराजुल पर कुल्हाड़ी से हमला करने के बाद उसे जिंदा जला दिया गया था। बिहार के गया जिले में अफराजुल इस्लाम की बहुत ही बेरहमी से की गई हत्या और मुल्क में हिंसा की बढ़ रही घटनाओं के खिलाफ में बिहार जनता दल राष्टवादी के प्रदेश अध्यक्ष शारिम अली के नेतृत्व में मौन जुलूस निकाला गया। मौन जुलूस जामा मस्जिद गया से टावर चौक, कोतवाली थाना मोड़, जीबी रोड, समाहरणालय होते हुए गांधी मैदान पहुंचा। मौन जुलूस में हजारों की संख्या में सभी धर्म के लोगों ने शामिल होकर देश में बढ़ते हिंसा के खिलाफ विरोध प्रकट किया।

गांधी मैदान में सभा को सम्बोधित करते हुए शारिम अली ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए मुल्क में अफवाह फैलाकर मुल्क गंगा जमुना तहजीब को तोड़ने के लिए एक विशेष समुदाय पर हमला किया जा रहा है और बहुत ही बेरहमी से कत्ल की जा रही है जिसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है। शरीम अली ने कहा इस तरह की घटना किसी भी हाल में समाज बर्दाश्त नहीं कर सकता है। शारीम अली ने कहा की शंभूलाल के द्वारा अफराज़ूल इस्लाम की जिस तरह से हत्या की गई है उसे देख कर इंसानियत भी शर्मसार हो गई है।

उन्होंने कहा कि कुछ संगठनों के कट्टरपंथियों द्वारा अक्सर हमारे देश के संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं उन्होंने कहा की मुल्क में कभी गाय के नाम पर तो कभी दूसरे चीजों के नाम पर एक विशेष समुदाय पर हमला किया जा रहा है। लेकिन केंद्र और राज्यों की सरकारों के द्वारा ऐसे लोगों पर कारवाई नहीं की जा रही है। सरकार के मौन धारण की वजह से इन कट्टरपंथियों के हौसले और बढ़ रहे हैं। शारिम अली ने कहा कि हैरत तो ये है कि धर्मनिपेक्षता का चोला ओढ़े हुई पार्टियों और उनके नेताओं ने इस घटना पर अपनी जुबान तक नहीं खोली। जुलूस में शामिल युवाओं ने कहा कि आने वाले वक़्त में ऐसी घटना फिर किसी के साथ न हो सके। न किसी के सिर से पिता का साया हटे, न फिर किसी घर उजड़ सके, न किसी का भाई दूर हो सके, न फिर कोई लव जिहाद, गौ हत्या आदि के नाम पर हत्या कर सके। इसके लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे।