संजीव डोंगरे / सारनी -नगर से बौद्ध अनुयायी का दल धम्म यात्रा पर हुए रवाना , 15 दिवशीय यात्रा में आधा सैकड़ा से अधिक अनुयायी हुए शामिल। बौद्ध अनुयायी बस के द्वारा सड़क मार्ग से देश के समस्त बौद्ध स्थलों सहित नेपाल में भी दर्शन करेंगे । जिसमे सारनाथ , बौद्ध गया , नालंदा , राजगीर, वैशाली , कुशीनगर , श्रावस्ती , कपिलवस्तु , लुम्बिनी (नेपाल) सहित अन्य स्थान शामिल है।

सर्वप्रथम अनुयायियों को बौद्ध विहार सारनी में नीले शाफे बांधे गयें । तदनंतर सभी उपासक उपासिकायें शापिंग सेंटर स्थित डॉ बाबा साहब आम्बेडकर जी की प्रतिमा के समक्ष उपस्थित हुए । डॉ बाबा साहब आम्बेडकर जी की प्रतिमा पर नगरपालिका अध्यक्ष आयुषमति आशा महेंद्र भारती, भंते जी, त्रिरत्न बौद्ध विहार सारनी के अध्यक्ष नारायण चौकीकर, पंचशील बौद्ध विहार पाथाखेडा के अध्यक्ष कांशीराम पाटील द्वारा मोमबत्ती ,अगरबत्ती लगाकर माल्यार्पण किया गया । तत्पश्चात धम्म यात्रा पर रवाना होने वाले सभी अनुयायियों को पुष्प हार एवं पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया ।

इस अवसर पर भंते आनंद ने बताया कि आज हमें युद्ध की नहीं बुद्ध की जरूरत है जिसमें सभी का कल्याण हो। सिद्धार्थ का जन्म कपिलवस्तु में हुआ ज्ञान प्राप्ति बौद्ध गया में हुआ और सम्यक समबुद्ध हुए कुशीनगर में महापरिनिर्वाण हुआ ये तीनों घटनाएँ वैशाख पूर्णिमा पर हुये जिन्हें त्रिगुणी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि डां. बाबा साहब आम्बेडकर जी ने भगवान बुद्ध के पंचशील को मानव मात्र के विकास के लिए जरूरी बताया उन्होंने संविधान में उन शीलो के उल्लंघन पर धाराएँ निरूपित की गयी है इस अवसर पर समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

धम्म यात्रा पर जाने वाले अनुयायियों को बिदाई देने पाथाखेडा, शोभापुर, एवं सारनी के सैकड़ों उपासक उपासिकायें उपस्थित थे । राजु पाटिल, कांशीराम पाटिल, विनोद मेश्राम सारनी से नारायण चौकीकर, विट्ठल ढोके, किरण तायडे, राकेश महाले, तिरूपति ऐरूलू, महेन्द्र भारती, सुनील सहारे अरुण सहारे किशोर चौकीकर अनिल डोंगरे तुकाराम लोखंडे आशीष चौकीकर दिनेश चौकीकर, देवरावकडवे, संजीव वाहने, बलीराऊत, उपासिकाओ मै आयुष्मति ललिता पाटील विमल ढोके, देवकी झरबडे, शीला वाहने, रिया चौकिकर।