वाशिंगटन/नयी दिल्ली। भारत ने विश्वबैंक की कारोबार सुगमता रिपोर्ट रैंकिंग में लंबी छलांग लगायी है। देश की रैंकिंग 30 पायदान सुधरकर 100वें स्थान पर पहुंच गयी। इससे उत्साहित सरकार ने सुधारों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया जिससे देश आने वाले वर्ष में कारोबार सुगमता के मामले में शीर्ष 50 देशों में शामिल हो सकता है।

नरेंद्र मोदी सरकार के 2014 में सत्ता में आने के समय भारत की रैंकिंग 142 थी। पिछले साल यह 130 थी। इस साल भारत एकमात्र बड़ा देश है जिसने कराधान, निर्माण परमिट, निवेशक संरक्षण और ऋण शोधन के लिये उठाये गये कदम के दम पर यह बड़ी उपलब्धि हासिल की। विश्व बैंक ने कहा इस साल के आकलन में यह शीर्ष 10 सुधारकर्ता देशों में एक है। कारोबार सुगमता के 10 संकेतकों में से आठ में सुधारों को क्रियान्वित किया गया। यह पहला मौका है जब भारत इस मामले में पहले 100 देशों में शामिल हुआ है।

इस बारे में अपनी प्रतिक्रिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार सुधार, निष्पादन और रूपांतरण के मंत्र के साथ रैंकिंग में और सुधार तथा आर्थिक वृद्धि में तेजी लाने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने कारोबार सुगमता में भारत की रैंकिंग में उछाल की सराहना की और कहा कि यह चौतरफा तथा विविध क्षेत्रों में किये गये सुधारों का नतीजा है।

नयी दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा, ‘‘व्यापार सुगमता के मामले में हमने जो रैंकिंग हासिल की है, यह अबतक का सबसे बड़ा उछाल है। यह भारत के लिये काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले तीन-चार साल से हम रैंकिंग से संबद्ध सभी 10 मानदंडों में सुधार की कोशिश कर रहे थे ताकि देश में कारोबार करना आसान हो।

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