होशंगाबाद। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर प्रति मंगलवार को जनसुनवाई का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। जनसुनवाई में आम जनता की शिकायतों का त्वरित गति से निराकरण किया जाता है। आज आयोजित जनसुनवाई में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पी.सी. शर्मा ने लगभग 65 आवेदनों पर सुनवाई की।

जनसुनवाई में ग्राम रायपुर की सरोज पति मनोहर ने पति एवं सास व ससुर द्वारा दहेज के लिए प्रताड़ित करने की शिकायत की। अपने शिकायती आवेदन में सरोज ने बताया कि चार वर्ष पूर्व उसका विवाह झागरिया निवासी मनोहर से हुआ था। विवाह के पश्चात् पति एवं सास ससुर मोटर साइकिल लाने एवं नगद राशि लाने की मांग करते हुए उसे लगातार प्रताड़ित करते थे। जबकि उनके पिता ने विवाह के समय उन्हें यथासंभव दहेज दिया था। 3 वर्ष पूर्व पति ने उन्हें मायके छोड़ दिया। उसके पश्चात् आज तक कोई भी ससुराल का व्यक्ति उन्हें लेने नहीं आया। झागरिया थाने में शिकायत करने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने पुलिस अधीक्षक होशंगाबाद अरविन्द सक्सेना को संपूर्ण प्रकरण पर उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

वहीं सांगाखेड़ाकला की 65 वर्षीय बल्लाबाई सेनी ने छोटे पुत्र द्वारा प्रताड़ित करने की शिकायत की। बल्लाबाई ने बताया कि उनका छोटा पुत्र चेतराम एवं बहू गुड़िया उनकी जमीन एवं घर पर कब्जा करके उन्हें लगातार मारपीट कर प्रताड़ित कर रहे हैं। और जमीन बेचने की धमकी भी देते है। जमीन छिन जाने से उनका गुजर बसर नहीं हो पा रहा है। सीईओ शर्मा ने एसडीएम होशंगाबाद को निर्देशित किया कि वे उक्त प्रकरण माता-पिता भरण पोषण अधिनियम के तहत दर्ज कर पुत्र के विरूद्ध तत्काल कार्यवाही कर आवेदक को न्याय दिलायें।

शिवपुर के राजकुमार ने सिकलशेल बीमारी का उपचार कराने एवं हर तीन माह में उन्हें खून की आवश्यकता पड़नें से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया। शर्मा ने सिविल सर्जन डॉ. डहेलिया को आवेदक का उपचार करवाने एवं हर तीन माह में नि:शुल्क रक्त उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

भीलाखेड़ी के गजरू साकले ने अपने प्रस्तुत आवेदन में बताया कि डॉ. सुबोध मेहतो एवं उनके स्टाफ ने उनके साथ दुव्र्यवहार किया था। जिसकी शिकायत उसने सीएम हेल्पलाइन में की थी। सीएम हेल्पलाइन को डॉ. मेहतो लगातार गुमराह कर रहे हैं। शर्मा ने संबंधित अधिकारी को उक्त प्रकरण के निराकरण के निर्देश दिए।

ग्राम पंचायत डाडीबाड़ा के सरपंच ने अपने प्रस्तुत आवेदन में बताया कि ग्राम के प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला में पदस्थ भृत्य विगत 13-14 वर्ष से शाला से अनुपस्थित हैं। जिसके कारण शाला के बच्चों को शाला परिसर एवं कक्षाओं की साफ-सफाई करनी पड़ती है। शौचालय की साफ-सफाई एवं शिक्षकों को पानी पिलाना पड़ता है। अत: भृत्य के पद का अन्यत्र ट्रान्सफर कर अंशकालीन भृत्य रखने की अनुमति दी जाए। जिससे शाला की साफ-सफाई बच्चों को न करनी पड़े। शर्मा ने सहायक आयुक्त जनजातिय कार्यविभाग को उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

पवारखेड़ा की कृष्णा बाई ने प्रस्तुत आवेदन में बताया कि उनकी जमीन के बटबारे के पश्चात् नक्शे में बटांकन नहीं किया गया है। इसलिए उक्त भूमि का सीमांकन राजस्व निरीक्षक द्वारा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने अपनी भूमि के राजस्व नक्शे में बटांकन की लाइन दर्शित करने की मांग की। उन्होंने बताया कि बटांकन न होने के कारण अन्य खातेदार उन्हें परेशान भी कर रहे हैं। शर्मा ने तहसीलदार राजेश बोरासी को आवेदन पर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

पेंशनर बलराम मालवीय ने बताया कि उनकी पत्नी सुशीला बाई कें खाते से बीमा के रूप में 20 हजार रूपए काट लिए गए साथ ही 2 वर्ष पश्चात् भी उन्हें बीमा पोलिसी नहीं मिली। स्टेट बैंक मिनाक्षी चौक के बैंक मेनेजर ने उन्हें कहा कि वे उनके पास से गोली ले जाएं और आत्महत्या कर लें। मालवीय ने कहा कि बैंक मेनेजर द्वारा लगातार उनके साथ दुव्र्यवहार किया जा रहा है। शर्मा ने प्रबंधक लीड बैंक को उक्त मामले की जांच करने के निर्देश दिए।