फर्जीवाड़े को खत्म करने के लिए कुसुम महाविद्यालय के प्राचार्य ने की सराहनीय पहल

सिवनी मालवा। प्रदेश भर के महाविद्यालय में उच्च शिक्षा विभाग के द्वारा गांव से शहर आकर किराये से रहने वाले छात्र-छात्राओं को आवास भत्ते के रूप में हजारों रूपये की राशि दी जाती थी। जिसमें जमकर भ्रष्ट्राचार किया जाता था। छात्र-छात्राएं गांव से ही अपडाऊन कर शहर में मकान मालिकों को कुछ रूपये देकर फर्जी किरायानामा बना योजना का लाभ ले लिया करते थें। जिस पर अंकुश लगाने का प्रयास सिवनी मालवा के कुसुम महाविद्यालय में पहली बार किया गया। प्राचार्य बी.एल. डहरिया ने इस भ्रष्ट्राचार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस सत्यापन अनिवार्य कर दिया है।

पुलिस सत्यापन अनिवार्य करते ही शुक्रवार के दिन कई छात्र-छात्राएं पुलिस थाने सत्यापन के लिए भारी संख्या में पहुँच गए। छात्र-छात्राओं की भीड़ देख थाना प्रभारी अजय तिवारी ने सभी छात्र-छात्राओं से कहा कि आप किरायानामा जमा कर जाएं। हम रात के समय आप जहां किराये से रहते हो वहां सत्यापन करने पहुंचेगें। ये सुनते ही कई छात्र-छात्राएं थाने से बाहर निकल गए।

हजारों रूपये सालाना दिया जाता है छात्र-छात्राओं को आवास भत्ता
जब इस संबध में महाविद्यालय प्राचार्य बीएल डहरिया से जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को 10 माह तक उच्च शिक्षा विभाग 1000 रूपये प्रतिमाह उनके खाते में जमा करता है। वहीं द्वितीय, तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं केा 12 माह तक 1000 रूपये प्रतिमाह के हिसाब से रूपये मिलते है।

विगत वर्ष 350 तो इस वर्ष वर्तमान समय में ही 550 छात्र-छात्रओं ने किया आवेदन
गांव में ही रहकर हजारों रूपये का लाभ मिलने के चलते इस वर्ष विगत वर्ष से भी अधिक आवेदन छात्र-छात्राओं के द्वारा किए गए। जब इस संबध में महाविद्यालय प्रबंधन से जानकारी लेनी चाही गई तो उन्होने बताया विगत वर्ष 350 आवास भत्ते का लाभ लेने के लिए छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया था, जिन्हें लगभग 40 लाख रूपये उच्च शिक्षा विभाग से प्राप्त हुए थें। वहीं इस वर्ष वर्तमान समय तक 550 छात्र-छात्राओं के आवेदन आए है। जिसका बजट लगभग 70 से 80 लाख रूपये होगा।

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इनका कहना है 
यदि कोई छात्र-छात्राएं या मकान मालिक गलत जानकारी लेकर आवास भत्ता योजना का लाभ लेता है, तो उन पर 420 का मामला दर्ज किया जाएगा – बीएल डहरिया प्राचार्य कुसुम महाविद्यालय सि.मा.

हमारे द्वारा सत्यापन किया जाएगा लेकिन रात के समय, जिससे वास्तविक सत्यापन हो सके कि छात्र-छात्राएं उक्त मकान में रहते है या नहीं – अजय तिवारी थाना प्रभारी सि.मा.