“सूचना का अधिकार के तहत मांगी गई पूर्ण जानकारी नही दे पा रहे ग्राम पंचायत सचिव, लाखो रुपये के हेरफेर की संभावना”

सुनील यादव/सिवनी मालवा। ग्राम पंचायतों में कराए जा रहे निर्माण कार्यो में सरपंच सचिव द्वारा फर्जी बिल लगाकर किस प्रकार शासन को चुना लगाया जा रहा है। इसका खुलासा ग्राम पंचायत नाहरकोला से सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार हुआ।

ग्राम पंचायत नाहरकोला से मिली जानकारियों की जब आरटीआई कार्यकर्ता शशांक मिश्रा ने जांच की तो पहले तो मांगी गई पूर्ण जानकारी नही दी गई ।

वही जो जानकारी दी गई उनमें भी भारी अनियमितताएं पाई गई। जिसमे कुछ ही पन्ने पलटने पर नरेगा योजना के अंतर्गत किये गए भुगतान के बिल वाउचर जब देखे गए। उसमें हजारो रुपये का भुगतान किए जाने पर भी न तो प्राप्त कर्ता के हस्ताक्षर कराए गए। और न ही रेवेन्यू की टिकिट लगाई गई। वही निर्माण कार्य का उल्रेख किये बिना ही राशि का आहरण कर लिया गया। जिससे स्प्ष्ट होता है, कि पंचायतो में सरपंच सचिव सहित जनपद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी किस प्रकार आम लोगो को भृमित कर लाखो रुपये की राशि का हेरफेर कर शासन को चुना लगा रहे है। जिसकी जांच की जाना जरूरी है।