भ्रष्टाचार में सिरमौर बनी नपा सिवनी मालवा, जाँच हो तो कई हो जायेगे बेनकाब

सिवनी मालवा। नगर पालिका सिवनी मालवा का भ्रष्टाचार एवं विवादो से पुराना नाता रहा है। पूर्व में नगर पालिका में पदस्थ एक इंजिनियर ने नगर पालिका में हो रहे भ्रष्टाचार को रोकने की कोसिस की तो नगर पालिका में वर्षो से जमे अधिकारी कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधियों ने उक्त इंजिनियर के साथ मारपीट कर उसे यहाँ से चलता कर दिया। जिससे इनका भ्रष्टाचार अनवरत जारी रहे ये भ्रष्टाचार महज अफवाह नहीं है, ये तथ्यपरक है सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त जानकारीयों में दृष्टित हो रहा है की नपा भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है।

ये जानकारी नपा के द्वारा ही प्रदत्त है जिसका जीता जागता उदाहरण ये है की नपा को एक जनरेटर की आवश्यकता थी ये सर्व विदित है। मध्य प्रदेश में जनरेटर की एक से बढ़कर एक फर्म है जहाँ से कम भाड़े में अच्छे से अच्छा जनरेटर ख़रीदा जा सकता था। परन्तु नगर पालिका की भ्रष्टाचार करने की सोच ने कोई स्थानीय व्यक्ति भ्रष्टाचार में आड़े नहीं आये इसलिए इन्होने पूरे प्रदेश को छोड़कर कोशो दूर हुबली शहर से किर्लोस्कर कंपनी का एक जनरेटर मंगाया। जिसमे 1,26,317 रूपये का शुद्ध भ्रष्टाचार किया गया जिसे अनुविभागीय अधिकारी द्वारा की गई जांच में तत्कालीन सीएमओ नपाध्यक्ष सहित एनी कर्मचारियों को दोषी पाया गया। परन्तु आज तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे ये सिद्ध होता है की प्रशासन भी इनके भ्रष्टाचार पर इमानदारी की चादर डालने पर तुला हुआ है।

अभी तक नपा सिवनी मालवा की भ्रष्टाचार की गंगा अनवरत जारी है जिसका ताजा उदहारण शहर के मध्य लगने वाले बिजली के पोल के उपर एलइडी पोल क्लेम है जिसे हम शुद्ध हिंदी में चार फुट की लोहे का पाइप एवं दो नट-बोल्ट कहेंगे। इसी पोल क्लेम को पूर्व नपा ने 475 रुपये में क्रय किया था उसी पोल क्लेम को एलईडी पोल क्लेम के नाम से वर्तमान नपा ने 14 माह बाद ही 4900 रुपये में क्रय किया है।

पोल क्लेम खरीदी 8 लाख 82 हजार रुपये की क्रय की गई सामग्री में 7 लाख 95 हजार का शुद्ध भ्रष्टाचार किया जाना जो कि स्वयं सिद्ध है कार्रवाई ना होना एवं भ्रष्टाचार में मौन रहना क्या अधिकारीयों एवं जनप्रतिनिधियों की संलिप्तता को नहीं दर्शाता है?

निष्पक्ष जाँच हो तो कई सफ़ेद पोश लोग होंगे बेनकाब
नागरिक मोर्चा के वरिष्ठ नेता प्रमोद खंडेलवाल के द्वारा ज्ञापन एवं आवेदन इ माध्यम से जोर शोर से उठाया था परन्तु शासन प्रशासन के कान में जू तक नहीं रेंगी जिससे नपा के भ्रष्टाचार पर कोई लगाम नहीं लग सकी खंडेलवाल की माने तो इस तरह से यदि वर्तमान नपा अध्यक्ष के कार्यकाल की निष्पक्ष जांच की जाएगी तो इनका सम्पूर्ण कार्यकाल ही दोषी एवं विभिन्न अनियमितताओं से लिप्त पाया जाएगा।

जांच अधिकरियों की मेहरबानी, से जमकर हो रहा भ्रस्टाचार
वर्तमान नपा परिषद के पूरे कार्यकाल पर भ्रष्टाचार रुपी चादर की छाया नजर आ रही है। इस भ्रष्टाचार रुपी काली चादर के नीचे नगर के तमाम सफेदपोश एवं अधिकारी भी खड़े नजर आ रहे है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो मध्य प्रदेश में ही नही पूरे देश मे भ्रष्टाचार में नम्बर 1 नगर पालिका का रिकॉर्ड बनाने से दूर नहीं है। शायद सम्पूर्ण भाजपा संगठन ने एवं सत्ता के विभिन्न पदाधिकारियों ने उन्हें भ्रष्टाचार करने की खुली छूट दे रखी है ऐसा प्रतीत हो रहा है। आखिर कब तक जनता के पैसों का दुरुपयोग होता रहेगा। विधानसभा की जनता शायद इस अस्मर्णीय नपा के कार्यकाल को सालों साल तक याद रखेगी