शशांक मिश्रा/ सिवनी मालवा। क्या आपको याद है आपने पहली बार बिजली कब देखी थी? आपमें से ज्यादातर लोगो को याद नहीं होगा क्यूंकि आप बचपन से ही बिजली का उपयोग करते आ रहे है। लेकिन होशंगाबाद जिले की सिवनी मालवा तहसील मुख्यालय के ऐसे गाँव भी है जो आज भी बिजली व्यवस्था से महरूम है।

इन गाँवों में विगत कुछ माह में पहुंची है बिजली
विगत 6 माह में 9 ऐसे गाँव है जहाँ बिजली विभाग के द्वारा आजादी के 70 वर्षो बाद पहली बार बिजली पहुंचाई गई है। वे गाँव इस प्रकार है पलासी, गीतखेड़ा, आमाकटारा, जाटामऊ, बासपानी, घोघरा, भामंदा, नापूपुरा, बेंट ये ऐसे गाँव है जहाँ आजादी के 70 वर्ष बाद लोगो ने पहली बार बिजली देखी है। बहरहाल कारण जो भी हो पर पिछले 70 वर्षो से बिजली का इन्तजार करने वाले लोगो का अँधेरा भी धीरे धीरे दूर हो रहा है।

इन गाँवों में नहीं है अभी भी बिजली
भारत सरकार आज डिजिटल इंडिया की बात कर रही है परन्तु जमीनी हकीकत झकझोर कर रखने वाली है। जिन गाँव में आजादी के ७० वर्ष बीतने के बाद भी सरकारे बिजली सुविधा मुहैया नहीं करा पाई है क्या वहां डिजिटल इंडिया के कोई मायने है? जी हाँ हम बात कर रहे है होशंगाबाद जिले की सिवनी मालवा तहसील के अंतर्गत आने वाले कुछ गाँवों की जहाँ आज भी बिजली नहीं पहुँच पाई है। ये गाँव ऐसे है जिनका डिजिटल इंडिया तो बहुत दूर आज की जरुरत बन चुकी टीवी, मोबाइल जैसी सुविधाओ से भी कोई सरोकार नहीं है। वो गाँव है ग्राम नोनिया एवं चारखेड़ा जहाँ आज तक बिजली नहीं पहुँच पाई है। आजादी के बाद कई सरकारें बनीं कई अधिकारी आए गए लेकिन गांव की सूरत नहीं बदली ग्रामीण आज भी दिये और चिमनी के सहारे रात काटने को मजबूर हैं।

रसूखदार नेताओ का गढ़ माना जाता है सिवनी मालवा
सिवनीमालवा तहसील के इन गांवों की बदहाली चर्चा का कारण इसलिए है क्योंकि बीते लंबे समय से यहां प्रदेश के रसूखदार नेताओं का प्रभुत्व रहा है कांग्रेस शासनकाल में यहां के विधायक जहां राजस्व सहित अन्य विभागों के मंत्री रहे तो वहीं भाजपा के राज में विधानसभा के उपाध्यक्ष और प्रदेश के वन और पीडब्ल्यूडी मंत्री सिवनीमालवा के विधायक ही रहे हैं इसके बाबजूद ग्रामीण आज भी अंधेरे में रात काटने का मजबूर हैं।

कई प्रदेश अध्यक्ष एवं जिलाध्यक्षों का क्षेत्र कहलाती है सिवनी मालवा
कहने को सिवनी मालवा एक तहसील है पर कई राष्ट्रीय एवं प्रदेश के बड़े संगठनों के अध्यक्ष-प्रदेश अध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष सिवनी मालवा के ही है। सत्तासीन पार्टी का संगठन माना जाने वाला भारतीयों किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष सिवनी मालवा के ही है वही भाजपा के जिले के कई पद सिवनी मालवा से ही है परन्तु इसके बाद भी सिवनी मालवा अपनी बदहाली की कहानी कहने के लिए मजबूर है।

इनका कहना है
आजादी के बाद पहली बार बिजली इन गाँवों में बिजली पहुंचाई गई है धीरे धीरे सभी गाँव में बिजली पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है- बसंत धुर्वे एई विद्युत विभाग