भोपाल। उच्चतम न्यायालय द्वारा मध्यप्रदेश और राजस्थान में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के खिलाफ कांग्रेस नेता कमलनाथ एवं सचिन पायलट की याचिकाएं आज निरस्त किए जाने के बाद कांग्रेस ने कहा है कि वह अब एक-एक मतदाता का मिलान कर उसे चुनाव आयोग के सामने रखेगी।

अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के मीडिया प्रभारी रणदीप भसह सुरजेवाला ने आज यहां इस बारे में संवाददाताओं की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि कांग्रेस ने 60 लाख फर्जी मतदाता चिह्नित किए थे, चुनाव आयोग ने जब इसका संज्ञान नहीं लिया, तब उन्होंने उच्चतम न्यायालय में इसकी गुहार लगाई। न्यायालय से कहा गया कि’टेक्स्ट मोड’में सर्च का विकल्प लागू किए जाने पर फर्जी मतदाताओं का मिलान संभव है, किन्तु न्यायालय ने उसे नहीं माना और अब ऐसे में कांग्रेस एक-एक मतदाता का मिलान कर चुनाव आयोग के सामने रखेगी।

न्यायमूर्ति अर्जन कुमार सिकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की खंडपीठ ने मतदाता सूची टेक्स्ट प्रारूप में उपलब्ध कराने संबंधी पायलट की मांग भी ठुकरा दी है। न्यायालय ने गत सोमवार को सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। कमलनाथ ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच कराये जाने और 10 फीसदी बूथों पर वीवीपैट के औचक निरीक्षण कराने का अनुरोध न्यायालय से किया था, जबकि पायलट ने सूची को टेक्स्ट प्रारूप में उपलब्ध कराने की मांग की थी।

चुनाव आयोग ने पिछली सुनवाई के दौरान न्यायालय को बताया था कि पहली मतदाता सूची का मसौदा इस साल जनवरी में तैयार हो गया था, जबकि मई में उसमें संशोधन किया गया। मतदाता सूची ठीक कर दी गयी है। याचिकाकर्ताओं ने विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया था।