भोपाल। आज छह दिसंबर है। बाबरी मस्जिद समर्थक इसे काला दिवस के रूप में मनाएंगे, जबकि राम मंदिर समर्थक शौर्य दिवस के रूप में कार्यक्रम करेंगे। इसे लेकर अतिसंवेदनशील शहरों की श्रेणी में शामिल सभी जगह सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के क्रम में विवादित ढांचे (बाबरी मस्जिद) को ढहाए जाने के 25 साल पूरे होने पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। यह सलाह सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को जारी की गई है। इसमें राज्यों से सद्भाव का वातावरण बनाए रखने के लिए 2008 में जारी हुई गाइड लाइन के अनुरुप कदम उठाने को कहा गया है।

गृह मंत्रालय 6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा ढहाए जाने के बाद से हर साल दिसंबर महीने में यह सतर्कता बरतने का निर्देश देता है। लेकिन इस साल उसकी सलाह का काफी महत्व है, क्योंकि पांच दिसंबर 2017 से सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई कर रहा है।

हिंदूवादी संगठन का जश्न
6 दिसंबर को हिंदूवादी संगठन शौर्य दिवस के रूप में मनाते है। हर साल इसको लेकर देश के कई हिस्सों में आयोजन होते है, लेकिन इस बार सभी हिन्दू संगठन मिलकर तक़रीबन 2000 स्थानों में शोर्य दिवस एतिहासिक रूप में मनाने की तैयारी की है।