सरकार को लग सकता है करोडो रूपये का चुना, आधी-आधी भावान्तर राशि पर सौदा तय

सिवनी मालवा/शिवपुर। तहसील मुख्यालय की मंडी में ही नहीं, वरन् पूरे प्रदेश की मंडी में बिचौलियों ने भावान्तर की राशि को लेकर लालची किसानों पर डोरे डालना शुरू कर दिया है। बिचौलियों के द्वारा लालची किसानों को खुला आफर दिया जा रहा है कि आपके पंजीयन पर हमारी फसल का विक्रय करें और जो भी भावांतर की राशि आएगी। उसे हम आधा आधा कर लिया करेगें। जिसकों लेकर अधिकांश लालची किसान सरकार को चूना लगाने के लिए तैयार हो गए है। जिसके चलते वो दिन दूर नहीं जब उत्पादन से अधिक  फसल शासन के सरकारी आकड़ों में नजर आएगी।

आइये इसे ऐसे समझे
माना कि किसी के पास 10 एकड़ खेती है। जिसकी पंजीयन कुल 4 हैक्टेयर जमीन पर 28 क्विंटल उड़द का विक्रय किया जा सकता है। लेकिन वास्तव में 4 हेक्टयर जमीन में कुल 12 से 15 क्विंटल ही उड़द का उत्पादन हुआ है। ऐसे में शेष बेचे हुए पंजीयन पर भी शासकीय अनुदान भावान्तर की राशि प्राप्त करने के लिए बिचौलियों ने किसानों से सांठगांठ करना शुरू कर दिया है। उनमें से कुछ लालची किसानों ने आधी आधी राशि पर अपना पंजीयन बिचौलियों को सौंप दिया है। जिसके चलते सरकार करोड़ो रूपये का चूना लगना संभावित है। यदि समय रहते इन अनैतिक कार्यो पर रोक नहीं लगाई गई तो।

भावांतर की राशि के लिए शुरू हुई गांव गांव खरीदी
शासकीय अनुदान भांवातर की राशि को लेकर कई बिचौलियों ने अब गांव गांव से पंजीयन का कलेक्शन कर खरीदी भी शुरू कर दी है। जिसपर रोक लगाना बहुत जरूरी है।

इनका कहना है 
किसानों को समझाया जा रहा है कि अपना पंजीयन पर अपनी ही उत्पादित फसल का विक्रय करें। किसी के भी बहकावे में आकर पंजीयन न दे। नहीं तो बाद में बिचौलियों के साथ साथ किसानों को भी परेशानीयों का सामना करना पड़ सकता है- धीरेंद्र सिंह एसडीएम सि.मा.