संजीव डोंगरे । आमला । सरकार की न्यू पेंशन स्कीम ( एनपीएस ) के तहत आने वाले सरकारी कर्मचारियों को शेयर मार्केट के उतार चढ़ाव से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है सेंसेक्स में गिरावट के चलते उनकी जमा पेंशन राशि पर 9 साल मे दुबारा भारी नुकसान हुआ है । इसके पहले भी फरवरी 2009 मे भी ऐसा हुआ था तब भी कर्मचारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। जिसके चलते सरकारी कर्मचारी , सरकार की इस नई पेंशन योजना का विरोध कर रहे हैं क्योंकि इस नई पेंशन योजना शेयर मार्केट के अनुसार चलती है यदि शेयर मार्केट गिरता है तो भविष्य में कर्मचारियों का पेंशन भी खतरे में होगा इसलिए कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना को लागू करने के लिए कई बार मांग कर चुके हैं।

आल इंडिया एनपीएस के प्रमुख नीरज बारस्कर, अरविंद मगरदे , दीपक मौर्य , दिनेश सोनी ने बताया की वर्ष 2004 के बाद सरकारी नौकरी मे आये कर्मचारियो के लिये सरकार द्वारा अंशदाई पेंशन योजना लागू की गयी है जिसको एनपीएस कहा जाता है । इस पेंशन योजना के तहत कर्मचारी के बेसिक वेतन का 10 प्रतिशत राशि वेतन मे से क़ाटकर तथा उतनी ही 10 प्रतिशत राशि सरकार द्वारा अंशदान किया जाता है और सरकार द्वारा ये राशि शेयर मार्केट मे निवेश की जाती है ताकि कर्मचारी के सेवानिवृत्त या उसकी मौत या कर्मचारी के नौकरी के दौरान अपंग होने पर कर्मचारी को पेंशन की व्यवस्था हो सके।
परंतु सरकार द्वारा इस व्यवस्था के लिये सरकार ने सरकारी कर्मियो के पेंशन के लिये ये राशि शेयर मार्केट मे निवेश करती है जिसमे पेंशन कितनी मिलेगी उसकी कोई ग्यारंटी नही है । इसके विपरीत जो रकम जमा है वही इसमे रिस्क भी बहुत है । आज जिस प्रकार शेयर मार्केट औंधे मुँह गिरा है। कर्मचारीयो की जमा राशि को बेहद नुकसान हुआ है ।
आल इंडिया एनपीएस के श्री मुन्नागुप्ता वी एस पण्डा जी के अनुसार आज जिस तरह शेयर मार्केट क़ा हाल हुआ ऐसा ही होता रहा तो वो दिन दूर नही जब हमे अपनी 100/-रुपये की जमा राशि 40/- होकर मिलेगी । आल इंडिया एन पी एस यूनीटी आमला ने सभी रेलकर्मचारी से अपील की है की एन पी एस को बंद करवाकर पुरानी पेंशन को लागू करवाने ईस संघर्ष मे साथ आने क़ा आह्वान किया।