नपाध्यक्ष एंव परिषद का कार्यकाल खत्म हो जाएगा, उसके बाद जांच पूरी होगी क्या साहब

सिवनी मालवा। नपाध्यक्ष का कार्यकाल खत्म हो जाएगा उसके बाद जांच पूरी होगी क्या साहब। ये कहना था बुधवार के दिन नपा चुनाव के समय बने नागरिक मोर्चा मंच के सदस्यों सहित आम आदमी पार्टी के पदाधिकारीयों का एसडीएम धीरेंद्र सिंह का। जब नगरपालिका में हुए भ्रष्ट्राचार की सबूतो सहित शिकायत करने के बाद भी कार्यवाही नहीं होने से नाराज होकर फिर से जल्द जांच करने की मांग करने कार्यालय पहुंचे। साथ ही एसडीएम धीरेंद्र सिंह को चेतावनी भी दी कि यदि 30 दिवस के भीतर कार्यवाही नहीं हुई तो चरणबद्व आंदोलन किया जाएगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

इन इन तारीखों में सौपें थें भ्रष्ट्राचार के सबूत सहित ज्ञापन
नागरिक मोर्चा मंच एंव आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बताया कि नपा के भ्रष्ट्राचार के संबध में सबूत सहित
28 मई को नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल,
30 मई 2016 को कलेक्टर के नाम,
26 अगस्त 2016 को फिर कलेक्टर के नाम,
26 सिंतबर 2016को फिर कलेक्टर के नाम,
01 अगस्त 2017 को दोबारा नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल के नाम
03 अगस्त 2017 को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया था।
कार्यवाही नहीं होने पर फिर से ज्ञापन सौंपा गया है। इसके बाद ज्ञापन न सौंप चरणबद्व आंदोलन किया जाएगा।

ये है प्रमुख मांगे, जिनकी होनी है निष्पक्ष जांच

  1. नगरपालिका परिषद के द्वारा 25 केवी का किर्लोस्कर कंपनी का जनरेटर हुबली से क्रय किया गया जिसकी जांच की मांग की जाने पर जांच की गई जिसमें 1 लाख 26 हजार 317 रूपये का अधिक भुगतान करना पाया गया। भुगतान को लेकर 4 व्यक्तियों पर कलेक्टर से कार्यवाही की अनुशंसा की गई। लेकिन उसके बाद दोषियों पर किसी प्रकार की कार्यवाही क्यों नहीं की गई।
  2. पूर्व नगरपालिका परिषद के द्वारा 10/06/2014 एंव 12/08/2017 को सिवनी मालवा की ही फर्म से पोल क्लेम्प 475 रूपये प्रति नगर के हिसाब से क्रय किए गए थें। जिसमें 4 फुट लंबा जीआई पाईप, 2 नग क्लेम्प एंव 4 नग बोल्ट शामिल थें। वहीं वर्तमान नगरपालिका परिषद ने एलईडी पोल क्लेम्प के नाम से 4900 रूपये प्रति नगर से 180 नग 8 लाख 82 हजार रूपये में खरीदें। जो कि सबसे बड़ा भ्रष्ट्राचार है। जिसकी जांच के लिए भी शिकायत के बाद भी नहीं कि जा रही है।
  3. नगरपालिका में 22 जून 2016 को उपयंत्री महेश उपाध्याय को मेन गेट में ताला लगा सीसीटीव्हीं कैमरे बंद कर मारपीट की गई। उसमें भी किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं कि गई।
  4. सूचना के अधिकार के तहत ली गई जानकारी के बाद जब खेड़ापति काम्प्लेक्स की दुकानों की नीलामी प्रकिया की जांच की मांग की गई तो वह भी नहंी कि गई। पूर्व नपा परिषद के कार्यकाल के समय इसी शांपिग काम्प्लेक्स कि दुकानें वर्ष 2013 में दुकान न. 02-06 लाख 67 हजार रूपये में और दुकान न. 04-07 लाख 55 हजार रूपये में आंबटित की थी उन्हीं दुकानों को वर्तमान में बगैर नीलामी प्रकिया अपनाए 3 लाख 60 हजार रूपये में बेच दिया गया। वहीं वर्तमान नपा परिषद ने बिना नीलामी प्रकिया के 4 वर्ष बाद इसी काम्प्लेक्स में स्थित 18 एंव 20 नम्बर दुकानें जहां 6 लाख रूपये में बेची वहीं अपने खास आदमी को 19 नम्बर दुकान महज 2 लाख 80 हजार रूपये में बेच दी जिसकी जांच की जाना आवश्यक है।
  5. नपा परिषद ने अपने कार्यकाल में स्टेशनरी खरीदी में भी लाखों रूपये का भ्रष्ट्राचार किया जिसके बिलों सहित एंव सूचना के अधिकार सहित मिली जानकारी की काफी देने के बाद भी आज तक जांच नहीं कि गई।
  6. नपा परिषद के द्वारा स्पीड ब्रेकर ब्लाक खरीदी भी डबल कीमतों पर की गई है। जिसकी भी कई बार ज्ञापन सौपनें के बाद भी जांच नहीं हो पाई है।

नागरिक मोर्चा एंव आम आदी पार्टी के इन पदाधिकारीयों ने सौंपा ज्ञापन
छगन लाल जलखरे प्रमोद खंडेलवाल, दीपक बाथव, कल्लू सिंह, संतोष शर्मा, मुश्ताक शाह, सर्वेश यदुवंशी, देवेंद्र रघुवंशी, अनिल लौवंशी, मनोज मालवीय, रमेश कुमार विश्वकर्मा, अजय मालवीय, सुमेर सिंह सहित अन्य उपस्थित थें।