नयी दिल्ली। राज्यसभा को आज बताया गया कि केंद्र प्रायोजित एक सर्वे के मुताबिक, देश में 53 फीसदी से अधिक बच्चों ने यौन उत्पीड़न का सामना किया। गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने आज राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने साल 2007 में बाल उत्पीड़न पर एक सर्वे कराया था। 13 राज्यों असम, मिजोरम, गोवा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, गुजरात और केरल में कराए गए इस सर्वे में 13,000 से अधिक बच्चों से बात की गई।

इस सर्वे में पता चला कि 53 फीसदी से अधिक बच्चों ने यौन उत्पीड़न का सामना किया। 21.90 फीसदी बच्चों ने गहरे यौन उत्पीड़न का सामना करने की बात बताई जबकि 50.76 फीसदी बच्चों ने यौन उत्पीड़न के अन्य प्रकारों का सामना किया। अहीर ने यह भी बताया कि उत्पीड़न करने वालों में से 50 फीसदी लोग ऐसे थे जिन्हें बच्चे जानते थे। ज्यादातर बच्चों ने अपनी पीड़ा के बारे में किसी को भी नहीं बताया। बेघर बच्चों, काम करने वाले बच्चों के यौन उत्पीड़न की घटनाएं अधिक हुईं।